- आरटीपीएस डाटा ऑपरेटर रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।
राष्ट्रीय हिंदी समाचार,भरगामा। बयूरो, जीतू दास।
भरगामा प्रखंड मुख्यालय स्थित आरटीपीएस काउंटर पर पदस्थापित डाटा ऑपरेटर अजय कुमार रजक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। यह कार्रवाई मंगलवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी शशि भूषण सुमन द्वारा की गई।
मामला बीरनगर पश्चिम पंचायत के मो शोएब आलम से जुड़ा है। मो शोएब आलम ने आरोप लगाया कि राशन कार्ड से संबंधित कार्य को अनुमंडल स्तर तक पहुंचाने के नाम पर डाटा ऑपरेटर अजय कुमार रजक ने उनसे 200 रुपये की मांग की। श्री आलम ने पहले तो यह रकम दे दी, लेकिन कुछ समय बाद जब वह आरटीपीएस काउंटर पर दोबारा पहुंचे, तो ऑपरेटर ने कहा कि यह राशि सिर्फ प्रखंड स्तर के काम के लिए है, अनुमंडल में उन्हें खुद जाना होगा। इससे असंतुष्ट होकर मो शोएब आलम ने पूरी घटना की जानकारी लिखित रुप में बीडीओ शशि भूषण सुमन को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए श्री आलम को साथ लेकर आरटीपीएस काउंटर पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू कराया। तलाशी के दौरान उनके द्वारा दिए गए वही 200 रुपये डाटा ऑपरेटर अजय कुमार रजक की जेब से बरामद किए गए। जिसकी पहचान खुद मो शोएब आलम ने की।
बीडीओ ने इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई, ताकि प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
रिश्वत पकड़े जाने के बाद स्थिति से बचने के लिए डाटा ऑपरेटर ने बीडीओ पर ही दबाव बनाने की कोशिश की और एससी/एसटी थाना में केस दर्ज कराने की धमकी तक दे डाली। लेकिन बीडीओ ने स्पष्ट कहा कि मामले को लेकर पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी जाएगी नैसर्गिक न्याय तहत आरटीपीएस कर्मी अजय कुमार रजक से स्पष्टीकरण पुछा गया है संतोषजनक जबाव नहीं मिलने पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई वरिय पदाधिकारी निर्देशानुसार की जाएगी।
बीडीओ शशिभूषण सुमन ने पत्रकारों को बताया प्रखंड क्षेत्र के वीरनगर पश्चिम से आए आवेदक मो शोएब आलम की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डाटा ऑपरेटर की तलाशी ली गई, जिसमें रिश्वत की राशि बरामद हुई। इस पूरे मामले की जानकारी जिलाधिकारी को पत्र के माध्यम से भेज दी गई है। बताया उक्त डाटा ऑपरेटर के द्वारा पैसे लेने की शिकायत लगातार मिल रही थी लेकिन साक्ष्य के अभाव मे कार्रवाई संभव नहीं था लेकिन मंगलवार को मो शोएब आलम के लिखित आवेदन पर जांच की गई तो आरोप सत्य पाया गया।























